जहां बजनी थी शहनाई, वहां उठी अर्थी… हादसे ने तोड़ दिए शादी के सपने
आज उस घर में खामोशी पसरी है, जहां कल तक शादी के गीतों की तैयारी चल रही थी। आंगन में हंसी गूंजनी थी, रिश्तेदार आने वाले थे, शहनाइयों की आवाज़ सुनाई देने वाली थी। मगर किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था। शहनाइयों की जगह अब सिसकियां हैं, और एक मां आज भी बार-बार दरवाजे की ओर देख रही है—शायद उसका बेटा लौट आए, शायद ये सब कोई बुरा सपना हो। यह दर्दनाक मंजर थाना क्षेत्र के बिजवाड़ इलाके का है, जहां सोमवार शाम एक तेज रफ्तार बस ने दूल्हा बनने जा रहे युवक की जिंदगी छीन ली। कालू, जिसकी 5 मार्च को शादी तय थी, रोज़ की तरह अपनी बाइक से धन तालाब घाट की ओर जा रहा था। तभी इंदौर की तरफ से आ रही यादव बस ने उसे टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कालू सड़क के किनारे ही बाइक चला रहा था। बस की रफ्तार इतनी तेज थी कि वह संभलने का मौका भी नहीं पा सका। टक्कर के बाद बाइक के परखच्चे उड़ गए और कालू ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। देखते ही देखते खुशियों से भरा घर मातम में बदल गया। कालू पंचर की दुकान पर मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का सहारा था। घर का वही अकेला कमाने वाला सदस्य था। शादी की तैयारियों में जुटा परिवार अब...